सरकार ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India (SII) और भारत बायोटेक (Bharat Biotech) को विदेशों में वैक्सीन का निर्यात करने से नहीं रोका है और इसके आगे व्यावसायिक निर्यात पर कोई भी प्रतिबंध नहीं लगाया है। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने मनीकंट्रोल से बातचीत में ऐसा स्पष्ट किया है।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला (Adar Poonawalla) ने 18 मई को कहा था कि भारत के लोगों की अनदेखी करके दूसरे देशों को कोविड वैक्सीन निर्यात नहीं किया। देश में कोरोना वैक्सीलन की कमी के बीच अदार पूनावाला ने सफाई देते हुए कहा था कि हमने भारत के लोगों की कीमत पर कभी कोरोना की वैक्सीन का निर्यात नहीं किया।
पूनावाला ने कहा कि सरकार और कंपनियों द्वारा विदेशों में टीके निर्यात करने के फैसले पर गहन चर्चा के कारण यह बयान देना जरूरी था। उन्होंने ये भी कहा कि SII द्वारा इस साल के अंत तक वैश्विक COVAX अभियान के लिए आपूर्ति को बहाल किये जाने का उम्मीद है।
हालांकि SII के वैश्विक सप्लाई प्रतिबद्धता पूरी नहीं हो पा रही थी क्योंकि उन्हें घरेलू बाजार के लिए वैक्सीन उत्पादन की मात्रा बढ़ानी थी। जबकि उसी दिन SII को विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization (WHO) ने उनके लंबित वैश्विक वैक्सीन प्रतिबद्धता की याद दिलाई थी।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार का भारत के घरेलू उत्पादकों की सहायता के बल पर महामहारी से निपटने पर फोकस है। सरकार दूसरी लहर की तीव्रता को देखते हुए घरेलू बाजार को प्राथमिकता देने के लिए कंपनियों की सराहना भी करती है फिर भी यदि उनके पास पर्याप्त डोज है तो वे उसे निर्यात करने के लिए स्वतंत्र हैं।
अधिकारी ने ये भी कहा कि सरकार के पास वैक्सीन के व्यावसायिक निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की शक्ति है और वर्तमान विदेशी व्यापार नीति सरकार को अपने घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए इस संबंध में एकतरफा एक्शन लेने की अनुमति भी देती है।
हालांकि वे इसकी भी याद दिलाते रहे कि इस कदम से डिप्लोमैटिक परिणाम होंगे। घरेलू आपूर्ति और वैश्विक आपूर्ति प्रतिबद्धताओं को संतुलित करने का काम करने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमने वैक्सीन का निर्यात नहीं रोका है क्योंकि अन्य, गरीब देशों जिसमें से कई हमारे सहयोगी हैं उन्हें इस वैक्सीन की जरूरत है।